ब्लॉगर डायरी | 24 मई 2025 | रिपोर्ट: TND
गर्मी की छुट्टियाँ अक्सर बच्चों के लिए आराम, खेल और घूमें-फिरने का वक्त होती हैं। लेकिन जब ये छुट्टियाँ कुछ नया सिखाने, खोजने और प्रतिभा को निखारने का जरिया बन जाएं, तो मज़ा कुछ और ही होता है!
आज मैं पहुँचा गोरखपुर की मैक्स पीसी एकेडमी, जहाँ चल रहे समर कैंप का दूसरा दिन था — और यकीन मानिए, वहाँ का जोश और ऊर्जा दिल को छू लेने वाला था।
रंगों में कल्पना की उड़ान
जैसे ही मैं कैंपस में दाखिल हुआ, बच्चों की बनाई रंग-बिरंगी कलाकृतियाँ मेरी आँखों को ठिठका गईं। कहीं कागज से बने फूल थे, तो कहीं चित्रों में जीवन दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा था। आर्ट एंड क्राफ्टिंग की दुनिया में बच्चे पूरी तरह डूबे थे।
ताइक्वांडो – अनुशासन की ताकत
ताइक्वांडो का सत्र अपने आप में प्रेरणादायक था। छोटे-छोटे बच्चे, पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ किक्स और मूव्स करते दिखे। उनके चेहरों पर आत्मविश्वास साफ़ झलक रहा था।
संगीत और नृत्य – आत्मा की अभिव्यक्ति
स्टेज पर बच्चों का गायन और नृत्य मन मोह लेने वाला था। एक बच्ची ने जब अपनी पसंदीदा धुन पर डांस किया, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। यही वो पल थे, जब लगा कि बच्चों को बस एक मंच चाहिए – बाकी तो वो खुद चमकने लगते हैं।
परदे के पीछे की नायिका
इस सारे आयोजन की सूत्रधार रहीं दीप रंजन मैम, जो हर गतिविधि पर नज़र बनाए हुए थीं। साथ ही विद्यालय के समर्पित शिक्षकगण हर मोड़ पर बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे थे। उनका स्नेह और सहयोग इस कैंप की आत्मा बना रहा।
और अंत में…
इस समर कैंप ने बच्चों को न सिर्फ़ गर्मी की छुट्टियों में एक उद्देश्य दिया है, बल्कि उन्हें खुद को पहचानने और आत्मविश्वास से भरने का मौका भी दिया है।
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे की छुट्टियाँ सिर्फ टीवी और मोबाइल तक सीमित न रहें, तो ऐसे कैंप्स में भाग लेना एक सुनहरा अवसर हो सकता है।
आगे के दिनों में और भी अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए… क्योंकि यह समर कैंप सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बच्चों के जीवन में एक रंगीन अध्याय है।
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