“समाज सेवा की एक प्रेरक मिसाल: विपिन श्रीवास्तव और मानव कल्याण संस्थान, गोरखपुर की 21 साल की यात्रा”

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | विशेष रिपोर्ट

“जहां सरकारें चूक जाती हैं, वहां कुछ लोग समाज को संभालने के लिए आगे आते हैं…”
ऐसे ही एक नाम हैं विपिन श्रीवास्तव, जिन्होंने जनहित और समाज सेवा के लिए वर्ष 2003 में ‘मानव कल्याण संस्थान’ की स्थापना की। आज यह संस्था पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए पहचानी जाती है।

संस्था की नींव: एक व्यक्ति का सपना, सैकड़ों की आशा

जुलाई 2003 में गोरखपुर से शुरू हुई यह संस्था आज बाल तस्करी के खिलाफ अभियान, “नो हंग्री चाइल्ड” मिशन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा जागरूकता, और आपदा राहत कार्यों में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है।
इस पूरी यात्रा के पीछे जो सबसे मजबूत नेतृत्व रहा है, वह है संस्थापक और महासचिव विपिन श्रीवास्तव का।
कौन हैं विपिन श्रीवास्तव?

विपिन श्रीवास्तव न सिर्फ संस्थापक हैं, बल्कि “सोच से क्रांति” की एक जीवंत मिसाल भी हैं।
वे मानव कल्याण संस्थान के General Secretary के रूप में कार्यरत हैं और अपनी पूरी टीम के साथ दिन-रात समाजसेवा में जुटे हुए हैं।
उनकी अगुवाई में संस्था ने बच्चों से लेकर वृद्धजनों तक, हर वर्ग के लिए कार्य किया है।
“समाज की सेवा सिर्फ एक काम नहीं, एक जिम्मेदारी है” – विपिन श्रीवास्तव

डिजिटल माध्यम से जोड़ रहे समाज को
विपिन श्रीवास्तव ने संस्था को डिजिटल युग में भी सशक्त बनाया है।
वेबसाइट: 🌐 www.manavkalyansansthan.org.in
ईमेल: 📧 info@manavkalyansansthan.org.in contact@manavkalyansansthan.org.in

यह प्लेटफॉर्म न केवल संस्था की गतिविधियों की जानकारी देता है, बल्कि आम जनता को भी सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
जनता से अपील: अब आपकी बारी है

वर्तमान में संस्था सदस्यता अभियान चला रही है, जिसके अंतर्गत 31 मार्च 2026 तक 199 सदस्य बनाने का लक्ष्य है।
हर सदस्य से अनुरोध किया गया है कि वे प्रत्येक माह 5 नए सदस्यों को जोड़ें ताकि वित्तीय और वालंटियर सहयोग दोनों मजबूत हो सकें।
अगर आप स्वयं समाज सेवा से जुड़ना चाहते हैं, तो Manav Kalyan Sansthan आपका मंच बन सकता है।

21 वर्षों की सेवा: कुछ उपलब्धियां एक झलक में
✅ 2500+ बच्चों को भोजन एवं शिक्षा सहायता
✅ 500+ महिलाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण
✅ 100+ गांवों में जागरूकता कार्यक्रम
✅ बाल तस्करी और नशा मुक्ति पर विशेष अभियान
✅ कोरोना काल में हजारों परिवारों को राहत सामग्री वितरण

निष्कर्ष: जब एक सोच आंदोलन बन जाए
विपिन श्रीवास्तव ने यह साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो और लक्ष्य समाज हो, तो कोई भी व्यक्ति बदलाव ला सकता है।
आज उनकी प्रेरणा से सैकड़ों युवा और स्वयंसेवक समाज के निर्माण में लगे हैं।

गोरखपुर से उठी यह लौ अब पूरे उत्तर प्रदेश में समाज सेवा की एक प्रेरक रोशनी बन चुकी है।

रिपोर्ट: TNT
दिनांक: 14 जून 2025

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