अहमदाबाद प्लेन क्रैश: टाटा ग्रुप ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ की मदद का किया वादा – भारतीय मूल्य फिर साबित हुए

13 जून 2025 | विशेष रिपोर्ट
गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से देश ही नहीं, पूरी दुनिया स्तब्ध है। इस हृदयविदारक हादसे में 265 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और दर्जनों लोग अब भी लापता या घायल हैं। ऐसे कठिन समय में जब पीड़ित परिवार अंधेरे में डूबे हैं, भारत के टाटा समूह ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।
🤝 टाटा समूह ने निभाया ‘अपनापन’
हादसे के कुछ ही घंटों के भीतर टाटा संस (एयर इंडिया की मूल कंपनी) ने घोषणा की कि हर मृतक के परिजन को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा घायलों और प्रभावित परिवारों को भी तत्काल सहायता राशि, पुनर्वास, और कानूनी सहयोग मुहैया कराया जाएगा।
“यह सिर्फ एयर इंडिया की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक भारतीय परिवार की भावना है। हम अपने लोगों के साथ हैं,” – एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस।

🌍 विदेशी कंपनियाँ खामोश, भारतीय घराना आगे आया
जहाँ विदेशी कंपनियों और बीमा एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, वहीं टाटा समूह ने न केवल संवेदनाएं प्रकट कीं, बल्कि आर्थिक सहयोग देकर भारतीय मानवीय मूल्यों की ताकत को उजागर किया।

यह वह समय है जब यह स्पष्ट हो गया है कि कठिन परिस्थितियों में विदेशी पूंजी नहीं, बल्कि देश के अपने उद्योगपति ही संकटमोचक बनते हैं।
🛫 एयर इंडिया – अब सिर्फ एक एयरलाइन नहीं, एक परिवार
एयर इंडिया द्वारा संचालित विशेष सहायता केंद्रों पर पीड़ित परिवारों को भोजन, आवास और मनोवैज्ञानिक सहयोग की व्यवस्था की गई है।
टाटा समूह के CSR विभाग की टीम अहमदाबाद, मुंबई और लंदन में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
कंपनी ने हादसे की गहन जांच और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए नई सुरक्षा समीक्षा प्रणाली लागू करने की घोषणा की है।
🙏 देशभर से मिल रहा समर्थन
प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर आम नागरिकों तक, हर कोई टाटा समूह के इस निस्वार्थ सहयोग की सराहना कर रहा है। सोशल मीडिया पर #ThankYouTata और #IndianSpirit ट्रेंड कर रहा है।
🧭 निष्कर्ष
जब अंधेरे में रोशनी की एक किरण की जरूरत होती है, तब वही लोग महान कहलाते हैं जो चुपचाप आगे बढ़कर सहायता का हाथ बढ़ाते हैं। टाटा समूह ने एक बार फिर सिद्ध किया कि भारतीयता सिर्फ एक भावना नहीं, एक जिम्मेदारी है।
📍 स्थान: गोरखपुर | भरोसेमंद सूत्रों के साथ विशेष कवरेज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *